प्राणायाम वर्ग
प्राणायाम की प्रक्रिया से शरीर में प्राण शक्ति का सुचारु संचालन किया जाता है जिससे शरीर ऊर्जावान होकर मन भी उत्साहित , उत्फुल्लित हो जाता है । संतुलित एवं शांत मन से एकाग्रता बढ़ती है जिसका स्वाभाविक परिणाम कार्य कुशलता एवं कार्यसिद्वि हैं ।
प्राणायाम का योग जीवन में अत्याधिक महत्व है । वे रोगी जो अस्थमा , उच्च रक्तचाप , हृदय रोग , अनिद्रा , मानसिक तनाव आदि से ग्रस्त हैं ,उनके लिये प्राणायाम वरदान सिद्ध होता है । प्राणायाम से दैनिक जीवन में तनाव कम होकर सुखद बनता है ।
अभ्यास
विभागीय श्वसन , श्वसन प्रकार , प्राणायम , त्रिआयामी अंतःप्रज्ञा , कंपनों से उत्पन्न मन का विस्तार , सजगता , भ्रामरि , भस्त्रिका , अनुलोम विलोम ।
दैनिक कार्यक्रम
अवधि - ७ दिवस
प्रकार - अनावासीय
समय - १ घंटा प्रातः/ साँयकाल
आयुवर्ग - समस्त
नीडम् परिसर की नियमावली देखें ।
