विवेकानन्द नीडम् ग्वालियर रेलवे-स्टेशन से मात्र३.५ किलोमीटर की दूरी पर है।झाँसी रोड पर स्थित चन्द्रवदनी नाके से हरिशंकरपुरम् की ओर जाने वाली सड़क को नीडम् मार्ग कहते हैं जो सीधा,रेलवे लाईन पर बने रेलवे गेट को पार कर नीडम् को पहुँचता है।नगर के किसी भी आटो रिक्शे से अथवा अन्य वाहन से नीडम् पर पहुँचा जा सकता है।
मानचित्र से दिशा निर्देश प्राप्त करें।
" भगवान तुम्हें खुले ह्रदय से इसलिये देता है ताकि तुम भी मुक्त हस्त, खुलेह्रदय से दान दे सको।"
- स्वामी विवेकानन्द
सभी समाजसेवी महानुभाव तन,मन एवं धन से सहयोग कर समाज के सभी लोगों के जीवन में आनन्द, सुख-शांति और संतोष लाने के कार्य को सफल बनायें।
कृपया अपने चेक, ड्राफ्ट एवं मनी आर्डर आनन्द केन्द्र ग्वालियर के नाम से भेजें। आपके द्वारा दिया गया दान आयकर अधिनियम की धारा ८० जी के अन्तर्गत करमुक्त है।
ग्वालियर यद्यपि विभिन्न शैक्षणिक संस्थाओं की दृष्टि से समृद्ध है,यहाँ शैक्षणिक क्षेत्र के अनेक संस्थान और विश्वविद्यालय कार्यरत हैं, लेकिन प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग में किसी भी मान्य एवं विधिसम्मत् शिक्षण संस्था का अभाव था, अतः विवेकानन्द नीडम् ने सन् २००३ में "निरामय अकादमी आँफ योगा एन्ड नैचुरापैथी,रिसर्च ट्रेनिंग इंस्टीटयूट" की स्थापना की गई।यह नई दिल्ली की गाँधी नेशनल अकादमी फाँर नैचुरोपैथी से संम्बद्ध है तथा एन.डी.डी.वाई. के लिये मान्यता प्राप्त है।
योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा एक दूसरे के पूरक होकर , आरोग्य प्रदान करने तथा उसकी रक्षा करना , इस प्रकार जीवनदायिनी विधा के रूप में वरदान बनकर श्रेष्ठ जीवन का मार्ग प्रशस्त कर सकते हैं । इसी अवधारणा को आधार मानकर नीडम् में प्राकृतिक चिकित्सा के दक्ष चिकित्सकों के मार्गदर्शन में निरामय का संचालन किया जाता है ।
अपने देश में लगभग ८ करोड़ का वनवासी समाज रहता है। वे स्वभाव से सरल, सहज एवं निश्चल होते हैं। वास्तविक अर्थों में वे प्रकृति के पुत्र एवं संस्कृति के संरक्षक हैं। वर्तमान समय में यह समाज पूरी तरह साधनहीन,अशिक्षित,दुर्लक्षित एवं उपेक्षित है। उसे भोजन,चिकित्सा-सुविधा,शिक्षा का अभाव है।
ईश्वर की रचना ने प्रकृति में रंग बिखेर कर इस धरातल की अनुपम छटा को जीवनदायी बनाया है । चहचहाती चिड़ियों का संगीत कौन नहीं सुनना चाहेगा । रंग बिरंगे फूल , पौधे , फलदार वृक्ष, कलकल करते झरने , धीमी-धीमी गति से चलती बतखें , कबूतर , खरगोश, गिलहरियाँ आदि थके-हारे , उदासीन , परेशान , तनावग्रस्त , व्यक्ति को तरोताजा , उत्साह और शान्ति से भरपूर न कर दें तो आश्चर्य ही है ।